Saturday, March 23, 2013

Prakashit Pustakein

आपने यहां सब चलता है  
Apne Yahan Sab Chalta Hai
2012


पांडेजी  के ठहाके 

Pandeyji ke Thahakey


पेट में दाढ़ियाँ हैं 

Pet MeiN Dadhiyan HaiN 


पांडेजी के पटाखे  

Pandeji ke Pathakey


रुकावट के लिए खेद है 

Rukawat Ke Liye Khed Hai


वाह वाह 

Waah Waah


चिकने घड़े 

Chikney Ghadey


गीत मंजरी 

Geet Manjari


अक्कड़ बक्कड़ 

Addad Bakkad



हम किसीसे  कम नहीं 

Hum Kisise Kam NahiN



हम बच्चे 

Hum Bachhe

चूहे रजा 

Chuhe Raja


गीत चुन्मुने 

Geet Chunmuney



मेरी प्रिय बाल कवितायेँ 

Meri Priy Baal Kavitayein


बन्दर जी की दुम 

Bandar Ji Ki Duum



फूल खिले 

Phool Khile





1 comment:

श्री. मच्छिंद्र बापू भिसे said...

नमस्कार,
श्रीमान पांडेय जी को नम्र अभिवादन ।
मैं आपका रचनाओं का पाठक हूँ और नियमीत रहूँगा। आपकी रचनाएँ मैंने आतरजाल पर पढ़ी और मन को भी गई। मैं महाराष्ट्र राज्यों में अध्यापक हूँ । आपकी रचना 'बाल' कक्षा ८ की पाठ्यपुस्तक में लगी है जो बहुत ही रोचक है। मैं अन्य आपकी रचनाएँ पढ़ना चाहता हूँ साथ ही साथ आपसे दो बातें करना चाहता हूँ । आपका अभिनंदन और बधाईयाँ ।
कृपया हो सके तो इस नंबर पर संपर्क करें।

09730491952
श्री. मच्छिंद्र बापू भिसे
ज्ञानदीप इंग्लिश मिडियम स्कूल पसरणी वाई
तह. वाई जि. सातारा